रात की तन्हाई मे सोचता हूँ।
वो मेरे साथ चलेगी तो वो पल कितने हसीन पल होगेँ। वो प्यार।
वो स्नेह ।
जिसके लिए सारी दुनिया तड़पती रहती है।
वो प्यार वो स्नेह मुझे उससे मिलेगा।
यही सब सोचते सोचते
रात-भर वो याद आती रहती है ।
और मैँ जागता रहता हूँ।
फिर अचानक मैँ काँप उठता हूँ ।
और मुझसे मेरे प्यार का प्रमाण माँगा जाता है कि तुम उसे कितना प्यार करते हो।
क्या करते हो तुम उसे इतना प्यार कि उसकी खुशी के लिए उसको भूल जाओ।
या करते हो तुम उसे इतना प्यार कि उसकी खुशी के लिए उसको छोड़ दो।
वो मेरे साथ चलेगी तो वो पल कितने हसीन पल होगेँ। वो प्यार।
वो स्नेह ।
जिसके लिए सारी दुनिया तड़पती रहती है।
वो प्यार वो स्नेह मुझे उससे मिलेगा।
यही सब सोचते सोचते
रात-भर वो याद आती रहती है ।
और मैँ जागता रहता हूँ।
फिर अचानक मैँ काँप उठता हूँ ।
और मुझसे मेरे प्यार का प्रमाण माँगा जाता है कि तुम उसे कितना प्यार करते हो।
क्या करते हो तुम उसे इतना प्यार कि उसकी खुशी के लिए उसको भूल जाओ।
या करते हो तुम उसे इतना प्यार कि उसकी खुशी के लिए उसको छोड़ दो।
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