प्यार मेँ तेरे समन्वय की धरा दिखती रही है
पृष्ठ भूमि आज मेरी खुद यहाँ बिखरी पड़ी है
मार्मिक चित्रण हुआ तो आज मैँ रोया बहुत हूँ
स्रष्टि की इस द्रष्टि मेँ फिर आज करुणा रो पड़ी है
प्यार मेँ तेरे समन्वय की धरा दिखती रही है
पृष्ठ भूमि आज मेरी खुद यहाँ बिखरी पड़ी है
मार्मिक चित्रण हुआ तो आज मैँ रोया बहुत हूँ
स्रष्टि की इस द्रष्टि मेँ फिर आज करुणा रो पड़ी है
प्यार मेँ तेरे समन्वय की धरा दिखती रही है
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