राजीव बाजपेयी
Tuesday, 14 May 2013
तू उसको ही भूल गयी
अंखियन बीच बसाया जिसने तू उसको ही भूल गयी,
हुई बावरी किसकी खातिर अपना सबकुछ भूल गयी,
कैसी उलझन,कैसी चाहत तुझको कुछ तो याद नहीं,
जिसको अपना कहती थी तू,तू उसको ही भूल गयी..........
राजीव बाजपेयी
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