छोटा सा संसार हमारा अच्छा था,
मैंने किया था प्यार मगर मई बच्चा था.......
देखा तुमको देखा सबको देखा राधा मीरा को,
कहता था मैं इसी लिए की प्यार हमारा सच्चा था,
छोटा सा संसार हमारा.........
जब आया तेरे सम्मुख मैं प्यार की गहराई में,
दुःख और सुख के सागर को जब देखा तन्हाई में,
निकल पड़े दो आंसू ऐसा लगा की बचपन अच्छा था,
अनुसासन में था पर अपना प्यारा बचपन अच्छा था.............
छोटा सा संसार हमारा अच्छा था,
मैंने किया था प्यार मगर मैं बच्चा था.......
राजीव बाजपयी
No comments:
Post a Comment